हम सभी चाहते है की हमारे आस-पास का माहौल शांत रहे सभी लोग एक दूसरे के सुख-दुःख में काम आते है लेकिन कई बार हम लोग देखते है की लोग किसी बात के लेकर एक दूसरे से लदायिक कर लेते जिसे की उनके बीच दुश्मनी हो जाती है और वह एक दूसरे के खिलाफ हो जाते है या जब दो लोगो के बीच किसी बात को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पाती वह एक दूसरे का विरोध करते है,जब आप को किसी से दुश्मनी होती है तो आप का दुश्मन आप को हर समय परेशां करने के प्रयास करता है दुशमन पर कभी भी भरोसा नहीं क्या जा सकता है दुश्मन कभी भी धोखा दे सकता है और आप पर हमला कर सकता है इस लिए सभी लोगो को अपने दुश्मन से सावधान रहना चाहिए अगर आप लोगो को भी किसी से दुश्मनी हो गयी है और आप का दुश्मन आप को परेशान कर रहा है वह आपके तरक्की के रस्ते में रूकावट डाल रहा है तो अब घबराने की कोई बात नहीं है आप ज्योतिष विद्या का सहायता ले सकते है ज्योतिष विद्या में कुछ आसान से तरीके दिए गए है जिसका उपयोग कर के आप अपने दुश्मन को खत्म कर सकते है ज्योतिष विद्या का उपयोग करने के लिए आप को हमारे विशेषज्ञ बाबा जी से सम्पर्क कर सकते है बाबा जी की अचूक उपाय से आप बहुत जल्द अपने दुश्मन को मारने में कामयाब हो जायेगे और अपने जीवन में आ रही समस्या को हल कर सकते है.
जाने कैसे किये जाते है गुप्त नवरात्रि के दिनों में तांत्रिक साधना जिससे कोई भी किसी भी कार्य को सफल बना सकता है| अधिकतर लोग वर्ष में आने वाली चैत्र नवरात्रा और आश्विन या शारदीय, दो ही नवरात्रों के बारे में जानते हैं। लेकिन, बहुत कम लोगों को पता होगा कि इसके अतिरिक्त और भी दो नवरात्रा होती हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रा कहा जाता है। इन दिनों देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है तथा विभिन्न साधनाए भी उन्हें प्रसन्न करने के लिए की जाती है। तंत्र साधना के अनुसार गुप्त नवरात्रा में अपनाए गए प्रयोग विशेष फलदायक होते हैं और उनका फल भी जल्दी ही प्राप्त किया जा सकता है। जैसा कि गुप्त शब्द से ही विदित होता है कि यह नवरात्रा गुप्त होती है, अतः इस समय किए गए सभी उपाय भी गुप्त ही होने चाहिए।गुप्त एंव काली शक्तियों को प्राप्त करने हेतु यह श्रेष्ठ समय है और इस समय के सदुपयोग के लिए आपके लिए पेश है गुप्त नवरात्रि के तांत्रिक उपाय टोटके–१) तंत्र-मंत्र आरम्भ करने के पहले आप एक कलश की स्थापना करे मां देवी का नाम लेते हुए। देवी मां की मूर्ति को सिंदूर चढ़ाएं, धूप दीप करे, लाल फूल अ...
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