सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

नारियल के चमतकारी टोटके

नारियल हिदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। नारियल को शुभ कामों में प्रयोग में लाया जाता है। नारियल एक पवित्र और कल्याणकारी फल है। हवन, देव पूजन और कलश स्थापना में नारियल का ही प्रयोग होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार नारियल वास्तु दोष को खत्म करता है और घर में सकारात्मक उर्जा को भी लाता है। नारियल के कुछ उपाय करके आप अपनी जिंदगी बदल सकते हैं।नारियल सिद्ध चमतकारी टोटकेगरीबी दूर करने के लिएशुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके मां लक्ष्मी और गणेश जी मूर्ति के सामने एक नारियल रखकर उनकी पूजा करें। और बाद में इस नारियल को अपनी तिजोरी में रख दें। और शाम के समय में इस नारियल को किसी मंदिर में रख दें। एैसा आप नियमित पांच शुक्रवार करें।इस उपाय को करने से गरीबी व धन की कमी दूर होती है।कारोबार या व्यापार में घाटा यदि आपको आपके कारोबार आचानक से कमी लग रही हो या चलता चलता काम रूक गया हो तो सवा मीटर पीले कपड़े में एक जटा वाला नारियल ए जनेउ और थोड़ी सी मिठाई आदि को विष्णु भगवान को अर्पित कर दें। इस उपाय से व्यापार तरक्की करने लगेगा।कर्ज से छुटकारा पाने के लिएयदि कर्ज से परेशान हो और इससे मुक्ति पाना चाहते हो तो अपनी लंबाई के अुनसार एक काला धागा लें और इसे जटा वाले नारियल पर लपेटें अैार किसी बहते हुए पानी में इसे प्रवाहित कर दंेंसफलता के लिएकाफी प्रयास के बाद सफलता नहीं मिल रही हो तो आप लाल रंग के सूती कपड़े को लें और उसमें एक नारियल को रखकर उसे लपेट लें। और अपने मन में अपनी मनोकामना को सात बार दोहर्राएं आैर इसे बहते हुए पानी में प्रभावित कर दें।संकट दूर करने के लिएघर में संकट या किसी भी तरह की परेशानी आ रही हो तो आप शनिवार या मंगलवार के दिन एक नारियल को अपने उपर से 21 बार लें और इसे किसी हवन कुड़ की जलती हुई आग में रख दें। एैसा करने से बीमारी या संकट दूर हो जाती हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गुप्त नवरात्रि के दिनों में तांत्रिक साधना

 जाने कैसे किये जाते है गुप्त नवरात्रि के दिनों में तांत्रिक साधना जिससे कोई भी किसी भी कार्य को सफल बना सकता है| अधिकतर लोग वर्ष में आने वाली चैत्र नवरात्रा और आश्विन या शारदीय, दो ही नवरात्रों के बारे में जानते हैं। लेकिन, बहुत कम लोगों को पता होगा कि इसके अतिरिक्त और भी दो नवरात्रा होती हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रा कहा जाता है। इन दिनों देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है तथा विभिन्न साधनाए भी उन्हें प्रसन्न करने के लिए की जाती है। तंत्र साधना के अनुसार गुप्त नवरात्रा में अपनाए गए प्रयोग विशेष फलदायक होते हैं और उनका फल भी जल्दी ही प्राप्त किया जा सकता है। जैसा कि गुप्त शब्द से ही विदित होता है कि यह नवरात्रा गुप्त होती है, अतः इस समय किए गए सभी उपाय भी गुप्त ही होने चाहिए।गुप्त एंव काली शक्तियों को प्राप्त करने हेतु यह श्रेष्ठ समय है और इस समय के सदुपयोग के लिए आपके लिए पेश है गुप्त नवरात्रि के तांत्रिक उपाय टोटके–१) तंत्र-मंत्र आरम्भ करने के पहले आप एक कलश की स्थापना करे मां देवी का नाम लेते हुए। देवी मां की मूर्ति को सिंदूर चढ़ाएं, धूप दीप करे, लाल फूल अ...

स्तंभन तंत्र प्रयोग:

स्तंभन तंत्र प्रयोग: स्तंभन क्रिया का सीधा प्रभाव मस्तिष्क पर पड़ता है। बुद्धि को जड़, निष्क्रय एवं हत्प्रभ करके व्यक्ति को विवेक शून्य, वैचारिक रूप से पंगु बनाकर उसके क्रिया-कलाप को रोक देना स्तंभन कर्म की प्रमुख प्रतिक्रिया है। इसका प्रभाव मस्तिष्क के साथ-साथ शरीर पर भी पड़ता है। स्तंभन के कुछ अन्य प्रयोग भी होते हैं। जैसे-जल स्तंभन, अग्नि स्तंभन, वायु स्तंभन, प्रहार स्तंभन, अस्त्र स्तंभन, गति स्तंभन, वाक् स्तंभन और क्रिया स्तंभन आदि। त्रेतायुग के महान् पराक्रमी और अजेय-योद्धा हनुमानजी इन सभी क्रियाओं के ज्ञाता थे। तंत्र शास्त्रियों का मत है कि स्तंभन क्रिया से वायु के प्रचंड वेग को भी स्थिर किया जा सकता है। शत्रु, अग्नि, आंधी व तूफान आदि को इससे निष्क्रिय बनाया जा सकता है। इस क्रिया का कभी दुरूपयोग नहीं करना चाहिए तथा समाज हितार्थ उपयोग में लेना चाहिए। अग्नि स्तंभन का मंत्र निम्न है। ।। ॐ नमो अग्निरुपाय मम् शरीरे स्तंभन कुरु कुरु स्वाहा ।। इस मंत्र के दस हजार जप करने से सिद्धि होती है तथा एक सौ आठ जप करने से प्रयोग सिद्ध होता है। स्तंभन से संबंधित कुछ प्रयोग निम्नलिखित है: 1....

भूत प्रेत पिशाच वशीकरण साधना मंत्र

भूत प्रेत पिशाच वशीकरण साधना मंत्र, आधुनिकता के इस दौर में भी भूत प्रेत, पिशाच, जिन्न और बेताल की अदृश्य शक्तियों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता। यह सदियों से इंसान के जीवन में किसी न किसी रूप में बना रहा है। इसका उपयोग वशीकरण के लिए होता आया है। चाहे वह वशीकरण स्त्री-पुरुष के निजी संबंधों में सुधार को लेकर हो, या फिर दूसरे किस्म की बाधाओं को दूर करने के लिए हो। भूत प्रेत पिशाच वशीकरण साधना मंत्र हिदूं और मुस्लिम तंत्र विद्या में इसके मंत्र साधना के कई उपाए बताए गए हैं। वैदिक अनुष्ठान हों या फिर तंत्र-मंत्र की कठिन साधनाएं, उनके जरिए भूत प्रेत या पिशाच की सम्मोहन शक्ति हासिल की जाती है। विभिन्न तरह की साधनाओं में परी साधना, कर्ण पिशाचिनी साधना, किंकरी साधना, बेताल साधना, वीर साधना, डाकिनी साधना मुख्य हैं, जिनके बताए गए आवश्यक विधान-विधान इस प्रकार हैं साधना का विशेष स्थान एकांत और साफ-सुथरा होना चाहिए। गुरु के बगैर साधना अर्थहीन समझा जाता है, इसलिए उनके दिशा-निर्देशें का पालन करते हुए साधना किया जाना चाहिए। साधना में ब्रह्मचर्य का पालन बहुत जरूरी है, तथा...