कभी-कभी घर में हमें खुद के अलावा किसी और के होने का भी अहसास होता है, लेकिन जब देखते हैं तो हकीकत में ऐसा नहीं होता। आपको भी कभी अपने घर में हुआ होगा या अभी भी हो रहा होगा। अगर ऐसा है तो ये नकारात्मक शक्तियों के संकेत हैं। मतलब आपके घर में नकारात्मक शक्तियां हावी है, लेकिन इनसे डरने की जरूरत नहीं हैं और न ही कोई पूजा पाठ करवाने की जरूरत है। बस पानी का एक गिलास ही काफी है आपके घर को उनसे मुक्त करवाने के लिए, जानें कैसे।नकारात्मक शक्तियों को घर से बाहर भेजने के लिए आपको एक साफ सुथरा और पूरी तरह पारदर्शी कांच का गिलास लें और उसमें एक तिहाई हिस्से तक सेंधा नमक डाल दें। बाकी बचे हुए हिस्से को आधा पानी और सिरके से भर दें।24 घंटे पूरे होने के बाद उस पानी को देखें कि पानी साफ है या नहीं। साथ ही अगर पानी में किसी भी तरह के कोई बुलबुले नहीं हैं तो इसका मतलब आपके घर में कोई भी नकारात्मक शक्ति नहीं हैं।वहीं अगर पानी में बुलबुले है तो या पानी का रंग बदल गया है तो मतलब आपके घर में नकारात्मक शक्तियां है। ऐसे में डरे नहीं और उस पानी को टॉयलेट में गिराकर फ्लश चला दें।इन सबसे बाद उस गिलास को साबुन, सर्फ से अच्छी तरह धोकर वापस उसी गिलास का प्रयोग घर के हर हिस्से में करें। ऐसा तब तक करना है, जब तक पानी साफ न रहने लगें।
जाने कैसे किये जाते है गुप्त नवरात्रि के दिनों में तांत्रिक साधना जिससे कोई भी किसी भी कार्य को सफल बना सकता है| अधिकतर लोग वर्ष में आने वाली चैत्र नवरात्रा और आश्विन या शारदीय, दो ही नवरात्रों के बारे में जानते हैं। लेकिन, बहुत कम लोगों को पता होगा कि इसके अतिरिक्त और भी दो नवरात्रा होती हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रा कहा जाता है। इन दिनों देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है तथा विभिन्न साधनाए भी उन्हें प्रसन्न करने के लिए की जाती है। तंत्र साधना के अनुसार गुप्त नवरात्रा में अपनाए गए प्रयोग विशेष फलदायक होते हैं और उनका फल भी जल्दी ही प्राप्त किया जा सकता है। जैसा कि गुप्त शब्द से ही विदित होता है कि यह नवरात्रा गुप्त होती है, अतः इस समय किए गए सभी उपाय भी गुप्त ही होने चाहिए।गुप्त एंव काली शक्तियों को प्राप्त करने हेतु यह श्रेष्ठ समय है और इस समय के सदुपयोग के लिए आपके लिए पेश है गुप्त नवरात्रि के तांत्रिक उपाय टोटके–१) तंत्र-मंत्र आरम्भ करने के पहले आप एक कलश की स्थापना करे मां देवी का नाम लेते हुए। देवी मां की मूर्ति को सिंदूर चढ़ाएं, धूप दीप करे, लाल फूल अ...
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