हमारे बीच में से कुछ ऐसे भी लोग होते हैं, जिन्हें नकारात्मक शक्तियां अधिक प्रभावित करती है। जिन्हें नकारात्मक शक्तियों का अहसास जल्दी हो जाता है और उन्हीं में से कुछ उनकी गिरफ्त में भी आ जाते है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिनका नकारात्मक शक्तियां बाल भी बाकां नहीं कर पाती है, लेकिन ऐसा क्यों? जानिए इसके पीछे का रहस्य जिन लोगों की कुंडली के दशम भाव का स्वामी अष्टम भाव में या एकादश भाव में हो तो और संबंधित भाव के स्वामी से नजर भी हो तो ऐसे लोग नकारात्मक शक्तियों की गिरफ्त में जल्दी आते हैं।व्यक्ति की कुंडली के पहले भाव में चंद्र के साथ राहु हो या फिर पंचम भाव और नवम भाव में क्रूर ग्रह हो तो नकारात्मक शक्तियां इन्हें अधिक परेशान करती है।अगर कुंडली में शनि, राहु, केतु या मंगल की दशा खराब होती हैं तो नकारात्मक शक्तियां आपको परेशान करने लगती है।जो इन शक्तियों के बारे में अधिक सोचता है और उसे मन में इनको लेकर हमेशा एक डर रहता है। ऐसे लोगों पर ये शक्तियां जल्दी हावी होती है।
जाने कैसे किये जाते है गुप्त नवरात्रि के दिनों में तांत्रिक साधना जिससे कोई भी किसी भी कार्य को सफल बना सकता है| अधिकतर लोग वर्ष में आने वाली चैत्र नवरात्रा और आश्विन या शारदीय, दो ही नवरात्रों के बारे में जानते हैं। लेकिन, बहुत कम लोगों को पता होगा कि इसके अतिरिक्त और भी दो नवरात्रा होती हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रा कहा जाता है। इन दिनों देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है तथा विभिन्न साधनाए भी उन्हें प्रसन्न करने के लिए की जाती है। तंत्र साधना के अनुसार गुप्त नवरात्रा में अपनाए गए प्रयोग विशेष फलदायक होते हैं और उनका फल भी जल्दी ही प्राप्त किया जा सकता है। जैसा कि गुप्त शब्द से ही विदित होता है कि यह नवरात्रा गुप्त होती है, अतः इस समय किए गए सभी उपाय भी गुप्त ही होने चाहिए।गुप्त एंव काली शक्तियों को प्राप्त करने हेतु यह श्रेष्ठ समय है और इस समय के सदुपयोग के लिए आपके लिए पेश है गुप्त नवरात्रि के तांत्रिक उपाय टोटके–१) तंत्र-मंत्र आरम्भ करने के पहले आप एक कलश की स्थापना करे मां देवी का नाम लेते हुए। देवी मां की मूर्ति को सिंदूर चढ़ाएं, धूप दीप करे, लाल फूल अ...
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