प्राकृतिक आपदा आने से पहले जिस तरह जिस तरह से संकेत मिल जाते है, उसी तरह जीवन में होने वाली घटना के पहले भी प्रकृति इशारा कर देती है। बस जरूरत है तो प्रकृति के दिए उस इशारे को समझने की। गौर किजिए कभी आपको भी चलते फिरते ऐसे संकेत मिले होंगे, लेकिन उसे न समझ पाने के कारण आपको नुकसान भी हुआ होगा। जानें प्रकृति के ऐसे ही कुछ संकेत।आप घर से बाहर निकल रहे हैं और जाते समय आपका पहना हुआ कपड़ा दरवाजे, कील, पेड़ आदि में फंस जाएं तो आगे की यात्रा रोक देनी चाहिए। प्रकृति आपको आने वाले संकट से बचाना चाहती है। प्रकृति का संकेत हो चुका है कि आप जिस कार्य के लिये जा रहे हो वो कार्य सिद्ध नही होगा या आपके साथ कोइ दुर्घटना घटने वाली है ।यदि आप किसी जरूरी काम से घर से बाहर जा रहे हैं और घर के बाहर कोई कुत्ता बैठा हो। अगर वो आपको देखकर दंग हो जाए तो आपको वहीं पर रूक जाना चाहिए। ये अशुभ होता है।घर से बाहर जाते समय छींक आने का मतलब आपके किसी काम में रूकावट आने वाली है।अगर आपका पालतू कुत्ता कार के अंदर बाहर कर रहा हो। अंदर रहने पर बार बार भौंक रहा है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि ये होने वाली किसी घटना या दुर्घटना की तरफ इशारा करता है।
जाने कैसे किये जाते है गुप्त नवरात्रि के दिनों में तांत्रिक साधना जिससे कोई भी किसी भी कार्य को सफल बना सकता है| अधिकतर लोग वर्ष में आने वाली चैत्र नवरात्रा और आश्विन या शारदीय, दो ही नवरात्रों के बारे में जानते हैं। लेकिन, बहुत कम लोगों को पता होगा कि इसके अतिरिक्त और भी दो नवरात्रा होती हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रा कहा जाता है। इन दिनों देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है तथा विभिन्न साधनाए भी उन्हें प्रसन्न करने के लिए की जाती है। तंत्र साधना के अनुसार गुप्त नवरात्रा में अपनाए गए प्रयोग विशेष फलदायक होते हैं और उनका फल भी जल्दी ही प्राप्त किया जा सकता है। जैसा कि गुप्त शब्द से ही विदित होता है कि यह नवरात्रा गुप्त होती है, अतः इस समय किए गए सभी उपाय भी गुप्त ही होने चाहिए।गुप्त एंव काली शक्तियों को प्राप्त करने हेतु यह श्रेष्ठ समय है और इस समय के सदुपयोग के लिए आपके लिए पेश है गुप्त नवरात्रि के तांत्रिक उपाय टोटके–१) तंत्र-मंत्र आरम्भ करने के पहले आप एक कलश की स्थापना करे मां देवी का नाम लेते हुए। देवी मां की मूर्ति को सिंदूर चढ़ाएं, धूप दीप करे, लाल फूल अ...
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