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मां कामाख्या देवी वशीकरण मंत्र अघोरी बाबा

 जाने करे किसी को वश में कामाख्या वशीकरण मंत्र साधना टोटके का प्रयोग करके| सबसे पहले तो हम आपको माँ कामाख्या के बारे मे जरा बता दे। देवी सती के बारे मे तो आप सब जानते ही होगे। यह कहाँ जाता है कि जब भगवान शिव देवी सती के आत्मदाह के बाद उनके मृत शरीर को लेकर भटक रहें थे, तो भगवान विष्णु ने अपने चक्र से उनके शरीर को काटना शुरू कर दिया था। जिसके कारण देवी सती के शरीर के हिस्से पूरे देश के अलग –अलग जगहों मे गिर गए और वो जहां भी गिरे वहाँ उनका एक शक्ति पीठ तैयार हो गया। भगवान विष्णु के चक्र से उनके शरीर के कुल 51 हिस्से हुए थे। तो इस प्रकार उन 51 शक्ति पीठ मे से यह भी एक शक्ति पीठ है, जहां उनकी योनि गिरी थी। यह जगह आसाम राज्य मे स्थित है। जब देवी सती रजस्वला होती है, उस मौके पर यहाँ अंबुवाची पर्व मनाया जाता है। जिसमे हिस्सा लेने के लिए देश के कोने-कोने से साधू, भक्त व आम लोग आते है। इन 3 दिनों मे जल के जगह रक्त बहता है। इस रक्त को सफ़ेद रंग के कपड़े से ढक दिया जाता है व बाद मे भक्तों को इसी कपड़े का टुकड़े प्रसाद के रूप मे दिया जाता है। साथ मे यह दिन तांत्रिक साधना के लिए भी बड़े महत्वपूर्ण माने गए है।तो आइये जानते है माँ कामाख्या के वशीकरण मंत्र के बारे में।माँ कामाख्या को प्रसन्न करने के लिए आप बताए गए नियम के अनुसार उनकी साधना करें। नियम यह है कि कृष्ण पक्ष में नवमी की रात 12 बजे सबसे पहले लाल रंग का एक आसन बिछाकर आप उसपर बैठ जाएँ और अपने सामने माँ कामाख्या की तस्वीर रखे ले। ध्यान रहे आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो। अब सिंदूर मे तिल का तेल डालकर उसे साथ मे मिला ले व नारियल के ऊपर उससे टीका कर दे। ध्यान रखे की नारियल पानी वाला होना चाहिए व उसकी जाटा भी साथ में होनी चाहिए। अब टीका लगे उस नारियल को माँ कामाख्या को अर्पित कर दे। आपको पंचोपचार विधि से पूजा करनी है व प्रसाद अर्पित करना होगा। अब अपने हाथ मे थोड़ा सा जल लेकर जाप के लिए संकल्प करें। मंत्र है: “ऊँ त्रीं नमः”। इस मंत्र का मूँगे की माला से आपको 51 बार जाप प्रतिदिन करना है। 3 दिन लगातार आपको यह जप करना है व उसके बाद  नारियल को कही बहते पानी मे प्रवाहित कर आए।माँ कामाख्या के इस मंत्र के बारे मे भी आप जान ले। मंत्र है: कामाख्याये वरदे देवी नीलपावर्ता वासिनी त्व देवी जगत माता योनिमुद्रे नमोस्तुते||”। बताए मंत्र का आपको 108 बार जप करना है और यह साधना आपको शुक्रवार के दिन से शुरू करनी है व लगातार 7 दिनों तक करनी है। लेकिन जाप शुरू करने से पहले आप लाल रंग का कपड़ा पहन ले, जो इस साधना को करने के लिए ज़रूरी है। इसके बाद चाँदी की एक डिब्बी में सिन्दूर रख दे व जाप शुरू करें। 7 दिन पूरे होते ही डिब्बी से सिंदूर को निकाल ले और बताए मंत्र का 7 या 11 बार जाप करें। इससे वो सिंदूर सिद्ध हो जाएगा। अब आप इस  सिंदूर मे चन्दन व केसर का चूर्ण या पाउडर मिला दे, साथ मे गंगा जल की कुछ बूंद भी डाल दे। इसके बाद आगे ध्यान रखे की मंत्र का जाप करते वक़्त इस लेप से माथे पर तिलक करें। इस तिलक को देखना वाला कोई भी व्यक्ति बड़ी जल्दी आपसे प्रभावित हो जाएगा। इस तरह वशीकरण का यह एक बड़ा अच्छा उपाय है।अब हम आपको कामाख्या देवी के वो मंत्र बताते है, जिसका जाप करके आप उन्हे ताबीज़ मे पिरोकर पहन सकते है। मंत्र है: पहला= “क्लीं क्लीं कामाख्या क्लीं क्लीं नमः” 2= “कामाख्ये काम संपने कामेश्वरी हरि प्रिये, “कमाना देहि में नित्य कामेश्वरी नमोस्तुते।“ जैसा की हमने बताया की इस मंत्र को सिद्ध करके आप उसे ताबीज़ मे धारण कर सकते है। इसकी इतनी शक्ति है की इसको धारण करने से जातक जीवन मे नई ऊर्जा को महसूस कर सकेगा व सकारात्मकता आती है। यदि कोई स्त्री अपने पति को अपने वश मे करना चाहती है तो वो इस मंत्र विधि का सहारा ले सकती है। मंत्र जान ले पहले: “ॐ नमोहः महापाक्षिणी पति में वश्यं कुरु कुरु स्वाहः”।  इस विधि को करने के लिए सबसे पहले स्त्री को चाहिए की वो गोरोचन मे अपने शरीर की मैल व उसमे केले का रस मिलाकर उसका लेप जैसा तैयार कर ले। ध्यान दे मंत्र मे पति शब्द की जगह अपने पति का नाम ले। अब इसी लेप से तिलक करें व पति के सामने जाए। इसे देख उसमे आपको लेकर आकर्षण पैदा होने लगेगा। इस मंत्र व तिलक की ताकत से आपका पति जल्द आपके वश मे हो जाएगा।यदि कोई लड़का किसी लड़की को बेहद पसंद करता है, पर दोनों के बीच सिर्फ दोस्ती का ही रिश्ता है, जिसे वो आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन किसी भी कारण से डरता है तो वो यह मंत्र विधि कर सकता है। लेकिन आपके दिल मे उस लड़की के लिए किसी भी प्रकार का स्वार्थ या छल-कपट नहीं होनी चाहिए। मंत्र है:  ॐ नमः कामाख्यः देवी अमुकः मे वशं करी स्वाहः”। साधना करने के लिए सबसे पहले तो आपको रविवार के दिन प्रातः काल उठकर स्नान करना होगा व स्वच्छ होकर पूरे दिन मंत्र का जाप करें। जिससे की यह सिद्ध हो जाएगा। इसके बाद आप मंत्र को 108 बार जाप करके मंत्र की फूक उस लड़की पर डालेंगे तो वो आपके वश मे हो जाएगी।ऊपर बताए गए मंत्र विधि से हम उम्मीद करते है की आपको अवश्य ही लाभ मिलेगा। वैसे अंत मे हम आपको यह भी बता दे कि पौराणिक कथाओं व शास्त्रों के अनुसार सतयुग मे यह अंबुवाची पर्व 16 साल मे आता था, लेकिन अब यानि कलयुग मे यह हर साल ही जून के महीने मे आता है। यदि आप कभी इस मेले या पर्व मे शामिल होते है, तो हम आपको बता दे कि वहाँ प्रसाद के रूप मे मिलने वाला कपड़ा यदि आपको मिल जाए तो उससे आपको बड़ा लाभ मिल सकता है। क्यूंकी उसके बारे मे यह भी कहाँ गया है कि अगर आपके पास वो कपड़ा है तो आपके घर मे सुख-शांति व सकारात्मक्ता बनी रहती है। साथ ही आप किसी भी टोने-टोटके के प्रभाव से सुरक्षित रहते है।

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